May 20, 2026

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दुष्कर्म की बढ़ रही घटनाओं का मुख्य कारण महिलाओं के पहनावे में आया बदलाव : चीमा


काशीपुर: काशीपुर के पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा ने दुष्कर्म के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने महिलाओं एवं छात्राओं के प्रति पुरुषों की बढ़ रही घृणित सोच को भारतीय संस्कृति के विपरीत बताया। उन्होंने यह भी कहा है कि इस तरह की घटनाओं के प्रति कहीं न कहीं महिलायें भी जिम्मेदार हैं जो कि उनके द्वारा अपनाई जा रही पश्चिमी सभ्यता की पोषक है।

हमारे देश की संस्कृति एवं सभ्यता के अनुरूप ही महिलाओं को अपने अंग वस्त्र धारण करने चाहिए। भाजपा के पूर्व विधायक चीमा ने जिम्मेदार अभिभावकों से भी अपेक्षा की है कि वह अपने परिवार की महिलाओं एवं बालिकाओं को भारतीय संस्कृति के अनुरूप ही वस्त्र धारण करने को प्रेरित करें।

चीमा ने सभी विद्यालयों के प्रबन्धकों से भी अपील की है कि वह छात्राओं की पोषाक में भारतीय संस्कृति के अनुरूप परिवर्तन लायें। समाज के सभी वर्गों को इस दिशा में आगे आकर परिवर्तन लाने का प्रयास करना चाहिए जिससे इस घृणित कृत्य में कमी लाई जा सके।

काशीपुर में राजनीति तेज

पूर्व विधायक के इस बयान को लेकर काशीपुर में राजनीति भी तेज हो गई है। पूर्व विधायक के बयान को लेकर कांग्रेस नेत्री मुक्ता सिंह ने इसे अपमानजक बयान बताते हुए कहा कि अगर दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ रही हैं तो उसमें एक महिला का पहनावा कहां से दोषी हो गया।

किसी के पहनावे से आप उसके चरित्र का आंकलन कैसे कर सकते हैं। यह भारत के संविधान में पहनने, रहने व खाने की स्वतंत्रता दी गई है ऐसे में क्या महिलाओं के मौलिक अधिकार से भी अब यह चुनौती देंगे। उन्होंने कहा कि इस बयान की घोर निंदा की जानी चाहिए।

यह राजनीतिक बयान नहीं बल्कि मेरा विचार है …

अपने बयान को लेकर विपक्षियों के टारगेट पर आए पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा ने कहा कि मैने समाज के बेहतरी के लिए यह विचार दिए हैं, यह कतई राजनीतिक बयान नहीं है यह मेरे निजी विचार हैं। इससे समाज में एक बेहतर संदेश देनेे के लिए मैंने अपने विचार दिए हैं।

कांग्रेस ने बयान को लेकर पूर्व विधायक को घेरा

कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष मुशर्रफ हुसैन ने कहा कि इस बयान की घोर निंदा करता हूं। दुष्कर्म की बढ़ रही घटनाओं में कैसे कोई महिला दोषी हो सकती है, ऐसे बयान देने से पहले उन्हें विचार करना चाहिए था। हमारे समाज में इस प्रकार की बयान को कतई बढ़ावा नहीं दिया जा सकता है।


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