दीक्षारंभ कार्यक्रम में नवप्रवेशी विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, सुविधाओं एवं अवसरों की दी गई जानकारी
श्रीनगर गढ़वाल
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, बिड़ला परिसर में बी.ए. प्रथम सेमेस्टर के नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के लिए ‘दीक्षारंभ कार्यक्रम’ का आयोजन एसीएल सभागार में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, विभिन्न सुविधाओं, नियमों, विद्यार्थी सहायता सेवाओं तथा उच्च शिक्षा एवं करियर से जुड़े अवसरों से परिचित कराना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री लक्ष्मी प्रसाद जोशी, मुख्य तकनीकी अधिकारी, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड, बिड़ला परिसर के निदेशक प्रो. एच.बी.एस. चौहान, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. ओ.पी. गुसाईं, मुख्य नियंता प्रो. दीपक कुमार, कला संकाय की अधिष्ठाता प्रो. मोनिका गुप्ता सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसरों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. राकेश नेगी ने मुख्य अतिथि का परिचय प्रस्तुत करते हुए उनका स्वागत किया।
मुख्य अतिथि श्री लक्ष्मी प्रसाद जोशी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी शिक्षा और डिग्री का लाभ केवल व्यक्तिगत विकास तक सीमित न रहे, बल्कि उसका लाभ समाज और राष्ट्र को भी मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि अच्छे विचार और अच्छी जिज्ञासाएँ व्यक्ति को अनुसंधान की दिशा में आगे बढ़ाती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से हिमालय से सीख लेने का आह्वान करते हुए कहा कि जीवन में अपनी जड़ों से जुड़े रहें और समाज के प्रति संवेदनशील बनें। बिड़ला परिसर के निदेशक प्रो. एच.बी.एस. चौहान ने मुख्य अतिथि एवं कार्यक्रम में उपस्थित सभी वक्ताओं का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों को दीक्षारंभ कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उसके औचित्य से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जीवन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, ज्ञान एवं भविष्य के निर्माण का महत्वपूर्ण चरण है और विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए।
अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. ओ.पी. गुसाईं ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण बोर्ड एवं कार्यालय की भूमिका तथा विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सहायता एवं कल्याणकारी व्यवस्थाओं की जानकारी दी। मुख्य नियंता प्रो. दीपक कुमार ने विश्वविद्यालय में अनुशासन, पठन-पाठन के प्रति जागरूकता तथा विद्यार्थियों के लिए निर्धारित आचार-व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने भेदभाव से संबंधित प्रकरणों में शिकायत करने के लिए उपलब्ध प्रावधानों के बारे में भी विद्यार्थियों को अवगत कराया।
कला संकाय की संकायाध्यक्ष प्रो. मोनिका गुप्ता ने कला एवं मानविकी संकाय के विभिन्न विभागों की जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय में सेक्सुअल हरासमेंट सेल की भूमिका एवं उसके कार्यान्वयन संबंधी व्यवस्थाओं से विद्यार्थियों को परिचित कराया।
मुख्य छात्रावास अधीक्षक प्रो. एस.एस. बिष्ट ने विश्वविद्यालय की छात्रावास व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं एवं छात्रावास से संबंधित आवश्यक जानकारी दी।
नशा मुक्त भारत अभियान के नोडल अधिकारी प्रो. जे.पी. भट्ट ने देश में नशे के कारोबार तथा छात्र-छात्राओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक किया।
समर्थ पोर्टल के समन्वयक डॉ. प्रीतम नेगी ने विद्यार्थियों को समर्थ पोर्टल की कार्यप्रणाली एवं विश्वविद्यालय में इसकी भूमिका की जानकारी दी। उन्होंने समर्थ पोर्टल को विद्यार्थी के ‘स्टूडेंट लाइफ साइकल’ से जोड़ते हुए इसके विभिन्न उपयोगों से परिचित कराया।
राजनीति विज्ञान के सहायक आचार्य डॉ. नितेश कुमार ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनइपी-2020) के विभिन्न पहलुओं एवं विश्वविद्यालय में इसके क्रियान्वयन से संबंधित जानकारी दी।
इस अवसर पर भाषा प्रयोगशाला की जानकारी डॉ आरुषि उनियाल, छात्रवृत्ति की जानकारी डॉ नरिंदर चौहान तथा विश्वविद्यालय में एनएसएस की इकाइयों की भूमिका और कार्यों की जानकारी की जानकारी डॉ राकेश नेगी ने तथा विश्वविद्यालय के औपचारिक सोशल मीडिया प्लेटफार्म की जानकारी डॉ कपिल पंवार ने दी।
प्रो. महावीर सिंह नेगी एवं डॉ. हिरणमय रॉय ने भी नवप्रवेशी विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय जीवन एवं शैक्षणिक गतिविधियों से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कीं। वहीं डॉ. जे.पी. जोशी ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की पुस्तकालय सुविधाओं, अध्ययन संसाधनों एवं उपलब्ध शैक्षणिक सामग्री की जानकारी दी। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. नरिंदर चौहान ने किया।
इस अवसर पर छात्रसंघ के पदाधिकारियों ने भी नवप्रवेशी विद्यार्थियों से संवाद किया। छात्रसंघ अध्यक्ष हिमांशु भंडारी ने मुख्य अतिथि श्री लक्ष्मी प्रसाद जोशी से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप एवं प्लेसमेंट के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक सहयोग एवं अनुबंध करने का आग्रह किया। इस अवसर पर डॉ. वाई.पी. फरसवाण, डॉ. नितेश बौंठियाल, डॉ. प्रीति, डॉ. आलोक नेगी सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नवप्रवेशी छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
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