June 13, 2026

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गाँव की बेटी बनी UKPCS में शिक्षा अधिकारी वर्ग की टॉपर संघर्ष, अनुशासन और आत्मविश्वास की मिसाल – बिनीता रावत

गाँव की बेटी बनी UKPCS में शिक्षा अधिकारी वर्ग की टॉपर

संघर्ष, अनुशासन और आत्मविश्वास की मिसाल – बिनीता रावत

 

विशेष संवाददाता……हरि सिमरन

 

उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग (UKPCS) परीक्षा 2026 में शिक्षा अधिकारी (Education Officer) श्रेणी में शीर्ष स्थान प्राप्त कर बिनीता रावत ने प्रदेश की हजारों युवतियों और प्रतियोगी छात्रों के लिए एक नई प्रेरणा प्रस्तुत की है। सीमित संसाधनों, पारिवारिक जिम्मेदारियों और कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच उन्होंने यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर हो, तो सफलता अवश्य मिलती है।

 

10 सितम्बर 1995 को जन्मी बिनीता रावत ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा के बाद B.Sc.-B.Ed. रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन (RIE), भोपाल से तथा M.Sc. (Chemistry) ज्योति निवास कॉलेज, बेंगलुरु से पूरी की। उन्होंने कई वर्षों तक शिक्षण कार्य किया, लेकिन अपने प्रशासनिक सेवा के सपने को पूरा करने के लिए नौकरी छोड़कर पूर्णकालिक रूप से UKPCS परीक्षा की तैयारी करने का साहसिक निर्णय लिया।

 

बिनीता बताती हैं कि यह निर्णय आसान नहीं था, लेकिन उनके माता-पिता का विश्वास और समर्थन उनकी सबसे बड़ी ताकत बना।

 

“मेरे माता-पिता ने हमेशा मुझे बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस दिया। जब भी मैं थक जाती थी या निराश होती थी, उनके शब्द मुझे फिर से खड़ा कर देते थे।”

 

उनका मानना है कि केवल बुद्धिमत्ता (IQ) ही सफलता की कुंजी नहीं है, बल्कि भावनात्मक बुद्धिमत्ता (Emotional Intelligence) भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

 

“जो व्यक्ति अपनी भावनाओं को समझता है, तनाव को नियंत्रित करता है और लोगों के साथ संवेदनशीलता से व्यवहार करता है, वही एक अच्छा प्रशासक बन सकता है।”

 

पढ़ाई की रणनीति बनी सफलता का आधार

 

बिनीता ने अपनी तैयारी के दौरान एक व्यवस्थित रणनीति अपनाई। उन्होंने प्रतिदिन अध्ययन, पुनरावृत्ति, उत्तर लेखन और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों के विश्लेषण के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया।

 

उनके अनुसार सफलता का मूल मंत्र था—

 

Read – Understand – Analyse – Revise

 

वे सामान्य अध्ययन (GS-1 से GS-6), हिन्दी तथा निबंध पर विशेष ध्यान देती थीं। प्रत्येक विषय को छोटे-छोटे हिस्सों में बाँटकर दैनिक लक्ष्य तय करती थीं और सप्ताहांत में उनका पुनरावलोकन करती थीं।

 

स्वास्थ्य और परिवार के साथ संतुलन

 

अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में विद्यार्थी अपने स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। लेकिन बिनीता ने संतुलन बनाए रखा।

 

उन्हें खाना बनाना, बैडमिंटन खेलना और साइकिलिंग का विशेष शौक है। वे दून साइक्लिंग क्लब की सक्रिय सदस्य भी हैं।

 

“जब कभी मानसिक थकान महसूस होती थी, मैं साइकिलिंग या पैदल चलने निकल जाती थी। इससे मन शांत होता था और पढ़ाई में फिर से एकाग्रता आ जाती थी।”

 

वे मानती हैं कि स्वस्थ शरीर और शांत मन, दोनों प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक हैं।

 

विशेष साक्षात्कार

प्रश्न: आज जब हजारों युवा सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे हैं, आपकी सफलता का सबसे बड़ा रहस्य क्या रहा?

 

बिनीता रावत: निरंतरता। मैंने कभी एक दिन में बहुत ज्यादा पढ़ने के बजाय रोज़ थोड़ा-थोड़ा लेकिन नियमित अध्ययन किया। सफलता किसी एक दिन की मेहनत का परिणाम नहीं होती, बल्कि वर्षों की निरंतर तैयारी का फल होती है।

 

प्रश्न: आपने अपनी शिक्षण नौकरी क्यों छोड़ी?

 

उत्तर: मैं प्रशासनिक सेवा में जाकर व्यापक स्तर पर शिक्षा और समाज के लिए कार्य करना चाहती थी। इसलिए मैंने जोखिम लेते हुए नौकरी छोड़ी और पूरी निष्ठा से तैयारी की।

 

प्रश्न: क्या कभी ऐसा समय आया जब लगा कि यह परीक्षा बहुत कठिन है?

 

उत्तर: हाँ, कई बार ऐसा लगा। लेकिन मैंने हर असफलता को सीखने का अवसर माना। जब भी मनोबल गिरता था, मैं अपने लक्ष्य को याद करती थी और फिर से जुट जाती थी।

 

प्रश्न: ग्रामीण क्षेत्रों की लड़कियों को आप क्या संदेश देना चाहेंगी?

 

उत्तर: परिस्थितियाँ चाहे जैसी भी हों, अपने सपनों को सीमित मत कीजिए। यदि आपके पास दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत करने का साहस है, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

 

UKPCS इंटरव्यू अनुभव

 

तिथि: 06 अप्रैल 2026

बोर्ड अध्यक्ष: गोधियाल सर

सदस्य: 5 (4 पुरुष एवं 1 महिला)

समय: लगभग 30 मिनट

 

बिनीता बताती हैं कि इंटरव्यू का वातावरण सकारात्मक और संवादात्मक था। अधिकांश प्रश्न शिक्षा, पर्यावरण, समसामयिक घटनाओं, प्रशासनिक नैतिकता, उत्तराखण्ड और उनके विषय से संबंधित थे।

 

चेयरमैन द्वारा पूछे गए प्रश्न

प्रश्न: विद्यार्थी सिविल सेवा की ओर अधिक आकर्षित क्यों हो रहे हैं?

 

उत्तर: सिविल सेवा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का अवसर प्रदान करती है। यह केवल एक नौकरी नहीं बल्कि जनसेवा का माध्यम है।

 

प्रश्न: आपके अंदर एक सिविल सेवक के कौन से गुण हैं?

 

उत्तर: अनुशासन, संवेदनशीलता, ईमानदारी और टीम के साथ कार्य करने की क्षमता मेरे प्रमुख गुण हैं।

 

प्रश्न: एक सिविल सेवक के लिए अन्य कौन से गुण आवश्यक हैं?

 

उत्तर: निष्पक्षता, निर्णय क्षमता, जवाबदेही और भावनात्मक बुद्धिमत्ता अत्यंत आवश्यक हैं।

 

प्रश्न: आपने अब तक कौन-कौन सी प्रतियोगी परीक्षाएँ दी हैं?

 

उत्तर: विभिन्न राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित होकर मैंने अनुभव और सीख प्राप्त की।

 

सदस्य-1 के प्रश्न

भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव के मुख्य कारण क्या हैं?

 

उत्तर: सीमा विवाद, आतंकवाद, ऐतिहासिक मुद्दे और आपसी विश्वास की कमी प्रमुख कारण हैं।

 

गरीबों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ निजी अस्पतालों में क्यों नहीं मिल पाता?

 

उत्तर: जागरूकता की कमी, निगरानी की कमजोर व्यवस्था और कुछ संस्थानों की व्यावसायिक प्राथमिकताएँ इसके कारण हैं। प्रभावी निगरानी और पारदर्शिता आवश्यक है।

 

कानून, नीति और नियम में क्या अंतर है?

 

उत्तर: कानून बाध्यकारी होता है, नीति दिशा प्रदान करती है और नियम कानून को लागू करने की प्रक्रिया निर्धारित करते हैं।

 

ग्रामीण-शहरी अंतर को कैसे कम किया जा सकता है?

 

उत्तर: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएँ, डिजिटल कनेक्टिविटी और रोजगार के अवसर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचाने होंगे।

 

सदस्य-2 के प्रश्न

ग्रीन पटाखे क्या हैं?

 

उत्तर: ऐसे पटाखे जिनसे अपेक्षाकृत कम प्रदूषण होता है और हानिकारक उत्सर्जन कम होता है।

 

ब्लैक सूट (Black Soot) क्या है?

 

उत्तर: अपूर्ण दहन से उत्पन्न सूक्ष्म कार्बन कण, जो वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनते हैं।

 

D₂O और आसुत जल में अंतर?

 

उत्तर: D₂O भारी जल है जिसमें ड्यूटेरियम होता है, जबकि आसुत जल सामान्य शुद्ध जल होता है। भारी जल का उपयोग परमाणु रिएक्टरों में किया जाता है।

 

प्रदूषित गंगा जल में कौन से जीवाणु पाए जा सकते हैं?

 

उत्तर: ई-कोलाई सहित कई रोगजनक जीवाणु पाए जा सकते हैं।

 

LPG और PNG में अंतर?

 

उत्तर: LPG सिलेंडर में संग्रहीत होती है जबकि PNG पाइपलाइन से आपूर्ति की जाती है। बंद स्थानों में LPG रिसाव अपेक्षाकृत अधिक खतरनाक हो सकता है।

 

आपने शिक्षण में कौन-सी शिक्षण पद्धति अपनाई?

 

उत्तर: छात्र-केंद्रित, गतिविधि आधारित और अवधारणा आधारित शिक्षण पद्धति।

 

AQI क्या है?

 

उत्तर: वायु गुणवत्ता सूचकांक, जो वायु प्रदूषण के स्तर को दर्शाता है।

 

क्रूगर नेशनल पार्क कहाँ है?

 

उत्तर: दक्षिण अफ्रीका में स्थित है और वन्यजीव संरक्षण तथा सफारी पर्यटन के लिए विश्व प्रसिद्ध है।

 

सदस्य-3 के प्रश्न

भ्रष्टाचार को कैसे कम करेंगे?

 

उत्तर: पारदर्शिता, डिजिटलीकरण, जवाबदेही और जनभागीदारी के माध्यम से।

 

निरीक्षण के दौरान यदि कोई चाय का प्रस्ताव दे तो क्या स्वीकार करेंगे?

 

उत्तर: सामान्य शिष्टाचार के रूप में स्वीकार किया जा सकता है, लेकिन निष्पक्षता और नैतिकता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

 

यदि वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत उपयोग के लिए दबाव डालें तो?

 

उत्तर: नियमों और नैतिक मूल्यों के अनुसार कार्य करूँगी।

 

संविधान संशोधन से जुड़े प्रश्न

 

उत्तर: संविधान की गतिशीलता और लोकतांत्रिक आवश्यकताओं के अनुरूप संशोधन किए जाते हैं। संविधान सर्वोच्च है और प्रत्येक संशोधन का उद्देश्य शासन को अधिक प्रभावी बनाना होता है।

 

सदस्य-4 के प्रश्न

महामारी जैसी स्थिति में ग्रामीण शिक्षा कैसे जारी रखेंगे?

 

उत्तर: डिजिटल संसाधन, सामुदायिक शिक्षण केंद्र, ऑफलाइन अध्ययन सामग्री और स्थानीय शिक्षकों की सहायता से।

 

आपके शौक क्या हैं?

 

उत्तर: वन्यजीव वृत्तचित्र देखना, साइकिलिंग, बैडमिंटन और खाना बनाना।

 

आपने शिक्षण को करियर क्यों नहीं चुना?

 

उत्तर: शिक्षा से मेरा जुड़ाव हमेशा रहेगा, लेकिन प्रशासनिक सेवा के माध्यम से मैं शिक्षा व्यवस्था में व्यापक स्तर पर सुधार करना चाहती हूँ।

 

महिला सदस्य के प्रश्न

भावनात्मक बुद्धिमत्ता क्या है?

 

उत्तर: स्वयं की और दूसरों की भावनाओं को समझने तथा उचित ढंग से प्रबंधित करने की क्षमता।

 

उत्तराखण्ड का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान कौन-सा है?

 

उत्तर: गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान।

 

हरिद्वार के निकट प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान कौन-सा है?

 

उत्तर: जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान, जो बाघ संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है।

 

अन्य प्रमुख टाइगर रिजर्व?

 

उत्तर: राजाजी टाइगर रिजर्व। दोनों क्षेत्रों के बीच पारिस्थितिक संपर्क वन्यजीव संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।

 

क्या आप एक ईमानदार अधिकारी बनने का आश्वासन देती हैं?

 

उत्तर: मैं सदैव संविधान, कानून और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दूँगी।

 

युवाओं के लिए संदेश

 

अंत में बिनीता रावत ने कहा—

 

“सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। यदि आप प्रतिदिन अपने लक्ष्य की दिशा में एक कदम भी बढ़ाते हैं, तो एक दिन मंज़िल अवश्य मिलेगी। विशेष रूप से गाँव की बेटियों से मेरा आग्रह है कि वे बड़े सपने देखने से कभी न डरें। उत्तराखण्ड की हर बेटी में प्रशासनिक अधिकारी बनने की क्षमता है।”

 

बिनीता रावत की सफलता केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की उन हजारों बेटियों की उम्मीद है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखती हैं।

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