रुद्रप्रयाग
केदारघाटी में अत्यधिक बारिश के बाद जिला प्रशासन द्वारा पूरी मुस्तैदी से रेस्क्यू कर यात्रियों को लगातार सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। अब तक 375 यात्रियों का हैली के माध्यम से तथा 1460 यात्रियों का सफल मैनुअल रेस्क्यू किया जा चुका है। इनमें 40 महिलाएं तथा 25 बच्चे भी शामिल हैं। मौके पर उप जिलाधिकारी ऊखीमठ सहित एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीमें मौजूद हैं जिनके द्वारा लगातार रेस्क्यू किया जा रहा है। वहीं अतिवृष्टि के बाद तीर्थ यात्रियों ने सरकार व जिला प्रशासन के द्वारा उपलब्ध कराई मदद की सराहना की है।
दिल्ली के दिलशाद गार्डन शहर से श्री केदारनाथ धाम की यात्रा पर आए ललित ने बताया कि वो दर्शन के बाद लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि गौरीकुंड पहुंचने के बाद रात्रि को हुई अत्यधिक बारिश व अतिवृष्टि के बाद उन्हें 2013 का आपदा जैसा मंजर याद आ गया लेकिन उन्होंने प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि अतिवृष्टि के बाद जिला प्रशासन द्वारा काफी सक्रियता दिखाते हुए मदद की गई। बताया कि लगभग 3 किमी तक प्रशासन की टीमों द्वारा सफल रेस्क्यू किया गया जो अत्यंत सराहनीय है।
नेपाल से श्री केदारनाथ धाम के दर्शन को पहुंचे तारकेश्वर सिंह ने बताया कि वह बीती सायं को गौरीकुंड से केदारनाथ के लिए निकले थे तथा कुछ ही दूरी पर जाने के बाद पहले हल्की तथा फिर भारी बारिश होने से वह वहीं पर रुक गए। इसके बाद भीषण बाढ़ आने से वह रात भर वहीं रूक गए। उन्होंने बताया कि आज सुबह एनडीआरएफ की टीम के पहुंचते ही रेस्क्यू किया गया। जिला प्रशासन एवं रेस्क्यू टीमों की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन व रेस्क्यू की टीमें पूरी तत्परता से राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। इसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन एवं रेस्क्यू में लगी समस्त रेस्क्यू टीमों को धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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