सूबे के डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने गुरुवार को सीएचसी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनको तमाम खामियां मिली, जिसको लेकर अधीक्षक को फटकार लगाई।
सुबह लगभग आठ बजे अचानक स्वास्थ्य मंत्री का काफिला सीएचसी पहुंचा, जिससे स्वास्थ्य कर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। मंत्री ने निरीक्षण के दौरान सबसे पहले इमरजेंसी का औचक निरीक्षण किया। औषधालय में फैली दवाओं को देख उन्होंने ठीक से रखरखाव करने की नसीहत दी। उसके बाद वह जच्चा-बच्चा वॉर्ड गए, जहां फैली गंदगी देख उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने सीएमएस को कड़ी फटकार लगाई।
41 में 11 कर्मचारी मिले अनुपस्थित
वहीं लगी आरओ की टोटियां में पानी निकलने की जांच की। इसके बाद उन्होंने अधीक्षक कक्ष में पहुंचकर उपस्थिती रजिस्टर देखा, जिसमें 41 कर्मचारियों के स्टाफ में 11 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। एक डॉक्टर की रजिस्टर में उपस्थिति लगी होने के बावजूद अस्पताल से गायब मिले। जानकारी करने पर अधीक्षक चिकित्सक के बारे में जवाब नहीं दे पाए। वहीं, एक कर्मचारी को विभागीय काम से बाहर भेजा गया। जिसके बारे में डिप्टी सीएम ने पूछा कि किसके आदेश के तहत कर्मचारी को भेजा गया है।
अधीक्षक को जमकर लगाई फटकार
अधीक्षक के सही जवाब न देने पर उन्होंने जमकर फटकार लगाई। उन्होंने सीएचसी में इलाज कराने आए मरीजों से बातचीत की। इलाज कराने आए राम प्रकाश को साथ ले जाकर उसका पर्चा बनवाया। मरीज से अस्पताल में मिल रही सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली। अस्पताल में अवैध पार्किंग को लेकर भी अस्पताल अधीक्षक को फटकार लगाई है। अधीक्षक एके जैसल ने बताया कि अनुपस्थित कर्मियों पर कार्रवाई के दिशा-निर्देश मिले हैं। सीएचसी परिसर की साफ-सफाई कराई जाएगी।
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