हाथरस में सत्संग के दौरान हुई भगदड़ के बाद उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय ने भी अतिरिक्त सुरक्षा बरतने के निर्देश दिए हैं। एडीजी कानून व्यवस्था एपी अंशुमान ने सभी जिला प्रभारियों को कहा है कि मेले व अन्य आयोजन की अनुमति से पहले ही भीड़ नियंत्रण के प्रबंध देखे जाएं।
यदि वहां पर पर्याप्त प्रबंध नहीं हैं तो एनओसी न दें। इसके साथ ही उन्होंने हर जिले से एक एसओपी बनाकर मुख्यालय को उपलब्ध कराने को कहा है। इसके बाद पुलिस मुख्यालय इन एसओपी के अध्ययन के बाद विस्तृत एसओपी तैयार करेगा।
ये दिए निर्देश
– भीड़ प्रबंधन के मद्देनजर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को संवेदनशीलता से लिए जाने, आयोजन हेतु एनओसी दिए जाने से पहले थाना प्रभारी वहां स्वयं निरीक्षण करेंगे।
– आयोजन स्थल की भीड़ क्षमता, प्रवेश/निवासी द्वार, पार्किंग आदि का आंकलन करने के बाद ही कार्यक्रम की एनओसी दी जाए।
– विभिन्न मेले, धार्मिक आयोजन व अन्य कार्यक्रम अनुमति के बाद ही आयोजित किए जाएंगे।
– छोटे-बड़े आयोजनों के संबंध में एसओपी तैयार कर जल्द से जल्द पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराएं।
– जनपदों में वर्ष में होने वाले मेले, त्योहारों और अन्य अवसरों पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का वार्षिक कैलेंडर तैयार कर उसके अनुरूप ही आवश्यक पुलिस बल का प्रबंध कराया जाए।
– बिना अनुमति के आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के आयोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
– किसी भी मेले और धार्मिक आयोजनों की आयोजक 15 दिन पहले से प्रचार प्रसार करेंगे।

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